
विकास नंद/सर्वव्यापी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज 2 लाख से अधिक मांगों, शिकायतों और समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को समीक्षा करेंगे। दोपहर 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में शिकायतों के निराकरण की स्थिति, समाधान की गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री जिलों में जनशिकायतों के निराकरण की प्रगति का आकलन करेंगे। साथ ही, शिकायतों के समाधान में कलेक्टरों की भूमिका, कार्यप्रणाली और लंबित मामलों की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाएगा। समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह जानना होगा कि आम नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों का समाधान कितनी प्रभावी तरीके से किया जा रहा है।
सात-आठ महीनों में दर्ज हुईं 2 लाख से अधिक शिकायतें
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 9 मार्च को शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन सेवा के तहत पिछले सात से आठ महीनों में प्रदेशभर से 2 लाख से अधिक मांगें, शिकायतें और समस्याएं दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों के निराकरण के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया जारी है।अब मुख्यमंत्री स्वयं इस व्यवस्था की समीक्षा कर शिकायतों के समाधान की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे। समीक्षा के दौरान यह महत्वपूर्ण होगा कि कितनी शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, कितने मामले अब भी लंबित हैं और शिकायतों के समाधान से आवेदक कितने संतुष्ट हैं।
निराकरण के साथ समाधान की गुणवत्ता पर भी नजर
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा में केवल शिकायतों के निपटारे के आंकड़ों तक सीमित रहने के बजाय समाधान की गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि पर भी जोर रहेगा। इससे जिलों में जनशिकायतों के निराकरण की कार्यप्रणाली का आकलन करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री की इस समीक्षा से यह स्पष्ट होगा कि प्रदेश में जनशिकायतों के समाधान के लिए संचालित व्यवस्था किस स्तर पर काम कर रही है और लंबित शिकायतों के निराकरण में किन पहलुओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।



