
विकास नंद/ सर्वव्यापी


सेवा संकल्प अभियान के तहत सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम केंदुवा में आयोजित सेवा सेतु के द्वितीय शिविर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की गई। शिविर में कुल 171 आवेदन प्राप्त हुए।शिविर में राज्य महिला आयोग की सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री सरला कोसरिया भी शामिल हुईं। उन्होंने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से योजनाओं के लाभ तथा विभागीय सेवाओं को लेकर जानकारी ली। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को आवश्यक किट एवं सामग्री का वितरण भी किया गया।
सरला कोसरिया ने कहा कि जन-जन की सेवा, उनकी समस्याओं का समाधान और हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़ा रहना ही उनका संकल्प है। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु जैसे शिविर शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर कई विभागों की सेवाएं और योजनाओं की जानकारी मिल रही है।
खुद रक्त जांच कर स्वर्ण सिंह ने परखी व्यवस्था
सेवा सेतु अभियान के जिला संयोजक स्वर्ण सिंह सलूजा ने शिविर में स्वयं अपना रक्त परीक्षण करवाकर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति को परखने का प्रयास किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य विभागीय सेवाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। उनका यह कदम शिविर में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
एक छत के नीचे कई विभागों की सेवाएं
शिविर में एसडीएम, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याएं और आवेदन प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने मौके पर प्राप्त आवेदनों की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।शिविर में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और नागरिकगण उपस्थित रहे। सेवा सेतु के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद के साथ योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की पहल की गई।



