
विकास नंद/ सर्वव्यापी
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के तहत जिले में खरीफ एवं रबी वर्ष 2026-27 की दलहन-तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था की गई है। प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के अंतर्गत अधिसूचित फसलों की खरीदी ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इससे किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बिचौलियों को बेचने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है।
खरीफ सीजन में अरहर 8,000 रुपये, उड़द 7,800 रुपये, मूंग 8,768 रुपये, मूंगफली 7,263 रुपये और सोयाबीन 5,328 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। वहीं रबी वर्ष 2026-27 में चना 5,875 रुपये, मसूर 7,000 रुपये और सरसों 6,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन किया जाएगा।
खरीफ के लिए पांच खरीदी केंद्र
महासमुंद जिले में खरीफ फसलों के उपार्जन के लिए कुल पांच केंद्र बनाए गए हैं। इनमें कृषि उपज मंडी पिटियाझर महासमुंद, प्राथमिक कृषि साख समिति सिर्रीपठारीमुड़ा बागबाहरा, प्राथमिक कृषि साख समिति पिथौरा, प्राथमिक कृषि साख समिति भंवरपुर और कृषि उपज मंडी सरायपाली शामिल हैं।
रबी के लिए आठ केंद्र निर्धारित
रबी फसलों के लिए कुल आठ उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। इनमें कृषि उपज मंडी पिटियाझर महासमुंद, प्राथमिक कृषि साख समिति सिर्रीपठारीमुड़ा बागबाहरा, प्राथमिक कृषि साख समिति कोमाखान, प्राथमिक कृषि साख समिति पिथौरा, प्राथमिक कृषि साख समिति भंवरपुर, प्राथमिक कृषि साख समिति बसना और कृषि उपज मंडी सरायपाली शामिल हैं
पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा समर्थन मूल्य का लाभ
समर्थन मूल्य का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनका पंजीयन ई-समृद्धि पोर्टल पर होगा। उपज की खरीदी के बाद किसानों को भुगतान की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण किए जाने की जानकारी दी गई है। व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बिचौलियों पर निर्भरता कम करना है
विभाग द्वारा इस वर्ष दलहन-तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के साथ अधिक मात्रा में उपार्जन और अधिक संख्या में किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने की योजना तैयार की गई है। पीएम आशा के तहत समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था से किसानों को बाजार में कम कीमत पर उपज बेचने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है।



