
विकास नंद/सर्वव्यापी
जिले के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला कौशल विकास समिति की बैठक जिला पंचायत कार्यालय महासमुंद में जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में युवाओं को अधिक संख्या में अप्रेन्टिशीप से जोड़ने, उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ने के लिए व्यवस्थित रोडमैप तैयार किया गया।बैठक में जिले के कौशल प्रशिक्षण केंद्रों, रोजगार कार्यालय, शासकीय पॉलीटेक्निक, सभी शासकीय आईटीआई, डिग्री कॉलेजों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों और संस्थानों के प्रभारियों के साथ अप्रेन्टिशीप कार्यक्रम के क्रियान्वयन की योजना पर चर्चा की गई। इस दौरान विभिन्न संस्थानों एवं उद्योगों में उपलब्ध रिक्तियों तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं की जानकारी भी ली गई।
स्किल इंडिया और नेशनल करियर सर्विस पोर्टल पर पंजीयन की अपील
अनुपमा आनंद ने कहा कि भारत सरकार के कौशल विकास मंत्रालय के स्किल इंडिया पोर्टल और नेशनल करियर सर्विस पर प्रशिक्षण तथा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में रोजगार के अवसरों की जानकारी नियमित रूप से अपडेट होती है। जिले के युवाओं को इन पोर्टलों पर अपना पंजीयन कराकर अप्रेन्टिशीप के माध्यम से अपनी योग्यता एवं रुचि के अनुरूप रोजगार के अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अप्रेन्टिशीप प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को छात्रवृत्ति भी प्राप्त होगी।
स्कूली छात्रों को आईटीआई की एक्सप्लोरर विजिट
स्कूली विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण से परिचित कराने के लिए एक्सप्लोरर विजिट कराई जाएगी। इसके लिए जिले के आईटीआई संस्थानों और स्कूलों के विद्यार्थियों की मैपिंग की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को आईटीआई में उपलब्ध ट्रेड और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी मिल सके।
बदलती जरूरतों के अनुरूप नए कौशल पर जोर
जिले में स्थानीय स्तर पर रोजगार की मांग और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप नए कौशल की पहचान कर प्रशिक्षण की कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में सोलर पैनल इंस्टॉलेशन टेक्निशियन और मल्टी स्किल वॉटर डिस्ट्रिब्यूशन ऑपरेटर जैसे कौशलों में प्रशिक्षण पर काम किया जा रहा है। आगामी समय में इलेक्ट्रिक व्हीकल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण की दिशा में कार्य किया जाएगा।युवाओं को इन अवसरों की जानकारी शासकीय पॉलीटेक्निक महासमुंद, शासकीय आईटीआई महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली, महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद, कौशल प्रशिक्षण केंद्रों और रोजगार कार्यालय के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
कैंप लगाकर युवाओं का पंजीयन और काउंसलिंग
जिले में संचालित आईटीआई, पॉलीटेक्निक, कौशल विकास केंद्र और डिग्री कॉलेजों में कैंप आयोजित कर युवाओं की काउंसलिंग की जाएगी। उनकी रुचि और योग्यता के आधार पर चिन्हांकन कर अप्रेन्टिशीप पोर्टल पर पंजीयन कराया जाएगा। इसके साथ ही जिले में एडवांस वेकेंसी मैपिंग और टारगेट कैंडिडेट को लेकर कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी।
काम सीखने के साथ छात्रवृत्ति और अनुभव का अवसर
अप्रेन्टिशीप युवाओं के लिए ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग का अवसर है। इसके तहत युवा किसी कंपनी, सरकारी विभाग, फर्म या प्रतिष्ठान में काम करते हुए व्यावहारिक कौशल हासिल कर सकते हैं। यह प्रशिक्षण पढ़ाई और पूर्णकालिक रोजगार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में काम करता है। प्रशिक्षण की अवधि सामान्यतः 6 माह से 2 वर्ष तक हो सकती है।10वीं, 12वीं, स्नातक तथा इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग के स्नातक युवा अपनी रुचि और योग्यता के अनुरूप अप्रेन्टिशीप से जुड़कर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। इससे उन्हें मशीनों, उपकरणों और कार्यस्थल के वास्तविक वातावरण में काम करने का अनुभव मिलता है।
5 से 9 हजार रुपए तक प्रतिमाह छात्रवृत्ति
अप्रेन्टिशीप के दौरान योग्यता एवं संबंधित प्रावधानों के अनुसार प्रशिक्षणार्थियों को लगभग 5 हजार से 9 हजार रुपए प्रतिमाह तक छात्रवृत्ति मिलने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र और कार्य अनुभव युवाओं के लिए आगे रोजगार तलाशने में उपयोगी हो सकता है।यदि प्रशिक्षण के दौरान युवा का कार्य संतोषजनक रहता है और संस्था को उसकी कार्यक्षमता उपयुक्त लगती है, तो संबंधित कंपनी, फर्म या प्रतिष्ठान द्वारा आगे नियमित रोजगार का अवसर भी दिया जा सकता है।जिला कौशल विकास समिति का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक युवाओं को उनकी रुचि, योग्यता और उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर अप्रेन्टिशीप के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।




