तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
बिलासपुर जिले के राजस्व प्रशासन में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रशासनिक कसावट और लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) स्तर से लेकर तहसीलदारों तक की पदस्थापना में फेरबदल की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार बिलासपुर जिले के प्रमुख राजस्व अनुभागों में नए अधिकारियों की तैनाती को लेकर मंथन अंतिम दौर में पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में तबादला आदेश जारी होने की संभावना है।बताया जा रहा है कि जिले के बिलासपुर, मस्तूरी, बिल्हा, बोदरी, कोटा और तखतपुर अनुविभागों में पदस्थ एसडीएम स्तर के अधिकारियों में बदलाव किया जा सकता है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों के तहसीलदारों को भी इधर से उधर किए जाने की तैयारी है। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देने के साथ ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की कवायद की जा रही है।राजस्व विभाग में तहसील स्तर पर आम जनता से जुड़े मामलों जैसे नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, भूमि विवाद, प्रमाण पत्र और अन्य प्रकरणों का सीधा संबंध रहता है। ऐसे में अधिकारियों की नई पदस्थापना को लेकर प्रशासन गंभीरता से विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि नई टीम के माध्यम से लंबित मामलों के निराकरण में तेजी लाने और मैदानी प्रशासन को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।सूत्रों के अनुसार संभावित फेरबदल में कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण अनुभागों की जिम्मेदारी मिल सकती है, वहीं कुछ अधिकारियों को जिले के अन्य क्षेत्रों में भेजा जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय जिला प्रशासन और शासन स्तर पर लिया जाएगा।गौरतलब है कि प्रदेश में लगातार प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले में भी राजस्व अमले की नई जमावट की तैयारी को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजरें संभावित तबादला सूची पर टिकी हुई हैं।




