
विकास नंद/ सर्वव्यापी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय निकायों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि शहरों के विकास का वास्तविक लाभ नागरिकों तक स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन के रूप में पहुंचना चाहिए।मुख्यमंत्री ने अमृत मिशन 2.0 के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा कर शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन नालंदा परिसरों के कार्यों में तेजी लाने और शहरी स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिनमें 31 कार्य प्रगतिरत हैं। वहीं रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत कुल 240 ई-बसों के संचालन की तैयारी की जा रही है। आवश्यक अधोसंरचना कार्य मार्च 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराने, नागरिक शिकायतों का त्वरित निराकरण करने तथा नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्व और कर संकलन बढ़ाने के निर्देश दिए।बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास की योजनाओं के परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए और सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं।बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




