
विकास नंद/ सर्वव्यापी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की योजनाओं से जुड़कर महासमुंद जिले के ग्राम लुकापाली कोमाखान की दुलारी देवांगन ने भी अपने लिए रोजगार का नया रास्ता तैयार किया है। दुलारी देवांगन ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से आजीविका मिशन के तहत उन्हें आसान प्रक्रिया से ऋण मिला। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने चाट-गुपचुप का व्यवसाय शुरू किया। गर्मी के मौसम में वे बर्फ गोला और लस्सी भी बेचती हैं। विवाह समारोहों और अन्य सामाजिक आयोजनों में भी उन्हें चाट-गुपचुप, लस्सी और बर्फ गोला के ऑर्डर मिलने लगे हैं।इस व्यवसाय में अब उनके पति भी सहयोग करते हैं। इससे परिवार की आमदनी बढ़ी है और दुलारी देवांगन की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा मजबूत हुई है। वे अपने हुनर और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भर बनकर परिवार को आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर रही हैं।दुलारी देवांगन ने कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जैसे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “विष्णु भैया के सुशासन और सहयोग से आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हूं और अपने व्यवसाय के जरिए अपनी पहचान बना रही हूं।”महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार के लिए ऋण और सहयोग मिलने से जिले की अनेक महिलाएं अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। दुलारी देवांगन की कहानी भी इसी बदलाव और महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर सामने आई है।



