
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बिलासपुर में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की नियुक्ति को लेकर हाल के दिनों में हुई किरकिरी के बाद विभाग ने फिलहाल व्यवस्था बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा कार्यालय में पदस्थ सहायक संचालक अजय कौशिक को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
हालांकि इस फैसले के साथ ही शिक्षा विभाग के गलियारों में एक नई चर्चा भी शुरू हो गई है।अजय कौशिक आगामी अगस्त माह में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। ऐसे में उनके पास प्रभारी डीईओ के रूप में कार्य करने के लिए महज लगभग डेढ़ महीने का समय है। यही वजह है कि अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या वे जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर रहते हुए ही सेवानिवृत्त होंगे, या फिर शासन उनके सेवानिवृत्त होने से पहले किसी नियमित अथवा अन्य अधिकारी को डीईओ बनाकर बिलासपुर भेज देगा।
बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति को लेकर पहले ही कई तरह के विवाद और प्रशासनिक असहजता सामने आ चुकी है। ऐसे में विभाग ने तत्कालीन परिस्थितियों को संभालने के लिए अजय कौशिक को अतिरिक्त प्रभार देकर प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया है। लेकिन इस व्यवस्था को स्थायी नहीं माना जा रहा है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी यह चर्चा जोरों पर है कि यदि शासन नियमित डीईओ की नियुक्ति शीघ्र करता है तो अजय कौशिक का प्रभारी कार्यकाल बहुत ही अल्पकालिक साबित होगा। वहीं यदि नई नियुक्ति में विलंब होता है तो वे अपने सेवानिवृत्ति दिवस तक डीईओ का दायित्व निभा सकते हैं।
अब निगाहें स्कूल शिक्षा विभाग और मंत्रालय पर टिकी हैं। आने वाले कुछ सप्ताह यह तय करेंगे कि अजय कौशिक की प्रशासनिक पारी का समापन “प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी” के रूप में होगा या शासन अंतिम समय में नया जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त कर बिलासपुर भेजेगा।फिलहाल शिक्षा विभाग में यही चर्चा सबसे अधिक सुनाई दे रही है कि “प्रभार तो मिल गया, लेकिन क्या विदाई भी डीईओ के रूप में होगी?” यही प्रश्न आने वाले दिनों में शासन के अगले निर्णय से स्पष्ट होगा।




