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कपड़ों से नहीं, काबिलियत से पहचानिए मुस्लिम समाज को! शिक्षक दिवस पर मुस्लिम विकास मंच ने सजाई प्रतिभाओं की महफिल, मेधावी विद्यार्थियों से लेकर शिक्षक, डॉक्टर, खिलाड़ी और अधिवक्ता हुए सम्मानित।

नूर मोहम्मद,जिला ब्यूरो चीफ,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(सर्वव्यापी)

शिक्षक दिवस पर जीपीएमजिले में मुस्लिम विकास मंच ने ऐसा मंच सजाया, जहां प्रतिभा को पहचान मिली, मेहनत को सम्मान मिला और शिक्षा को समाज की तरक्की की सबसे मजबूत कुंजी के रूप में सामने रखा गया। प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों से लेकर सेवानिवृत्त शिक्षकों, डॉक्टरों, खिलाड़ियों, अधिवक्ताओं और समाज के सक्रिय नागरिकों तक को सम्मानित किया गया।

खास बात यह रही कि कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एक ही मंच पर नजर आए। कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी, जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी, डीएफओ कुमार निशांत, एएसपी अविनाश मिश्रा तथा इंडियन ऑयल छत्तीसगढ़ के डीजीएम मोहम्मद आमीन की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया।

80 प्रतिशत से अधिक अंक वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

समारोह में कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले मुस्लिम समाज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के साथ शिक्षा, चिकित्सा, खेल, विधि और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मान मिला।यह सम्मान महज मंच पर मिलने वाला प्रमाण-पत्र या सम्मान नहीं था, बल्कि समाज की नई पीढ़ी को यह संदेश देने की कोशिश थी कि काबिलियत के दम पर पहचान बनाई जाती है और शिक्षा सफलता का सबसे मजबूत रास्ता है।

कलेक्टर ने की मुस्लिम विकास मंच की पहल की सराहना

कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि किसी भी समाज और जिले की प्रगति की सबसे मजबूत नींव शिक्षा है। उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज जिन बच्चों को सम्मान मिल रहा है, वही भविष्य में समाज और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके व्यक्तित्व विकास और संस्कारों पर भी ध्यान देने की अपील की। कलेक्टर ने कहा कि प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित करने वाले आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण बनाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए।कार्यक्रम के सफल आयोजन से प्रभावित कलेक्टर ने मुस्लिम विकास मंच के अध्यक्ष असद सिद्दीकी को साल पहनाकर मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि सामाजिक स्तर के आयोजन में पूरे जिला प्रशासन को एक मंच पर लाना अपने आप में बड़ी बात है।

एसपी बोले—प्रतिभा के साथ मेहनत और अनुशासन जरूरी

पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती। इसके लिए मेहनत, अनुशासन और लगातार प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर ईमानदारी से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।उन्होंने कहा कि समाज के सफल और वरिष्ठ लोगों का सम्मान नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है तथा बच्चों के भीतर आत्मविश्वास पैदा करता है।

शिक्षक समाज के असली निर्माणकर्ता जिला शिक्षा अधिकारी

जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने शिक्षक दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की सही दिशा भी देते हैं। शिक्षक का प्रभाव कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर आने वाली पीढ़ियों के निर्माण तक पहुंचता है।उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अच्छे परिणाम के बाद भी सीखने की प्रक्रिया रुकनी नहीं चाहिए। उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत करनी होगी।

डीएफओ बोले—हर बच्चे में प्रतिभा, जरूरत सिर्फ अवसर की

डीएफओ कुमार निशांत ने कहा कि हर बच्चे के भीतर कोई न कोई प्रतिभा जरूर होती है। आवश्यकता है उस प्रतिभा को पहचानने, उसे सही अवसर देने और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनने का आह्वान किया।

एएसपी ने युवाओं को बताया समाज की सबसे बड़ी ताकत

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने कहा कि युवा किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। उन्होंने शिक्षा के साथ अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती है, इसलिए युवा सकारात्मक सोच के साथ समाज और देश के निर्माण में योगदान दें।

डीजीएम मोहम्मद आमीन बोले—शिक्षा खोलती है सफलता के दरवाजे

इंडियन ऑयल छत्तीसगढ़ के डीजीएम मोहम्मद आमीन ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को नई दिशा देने के साथ आगे बढ़ने के अवसर भी पैदा करती है। उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज की मेहनत ही आने वाले कल की सफलता की नींव है।उन्होंने प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए सामूहिक प्रयासों को जरूरी बताया।

असद सिद्दीकी का दो टूक संदेश—सम्मान नहीं, नई पीढ़ी को दिशा देना मकसद

मुस्लिम विकास मंच के जिलाध्यक्ष असद सिद्दीकी ने कहा कि शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह का उद्देश्य सिर्फ प्रतिभाओं की प्रशंसा करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को शिक्षा, मेहनत और सफलता के लिए प्रेरित करना है।उन्होंने कहा कि समाज का हर बच्चा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े और अपनी प्रतिभा के दम पर जिले, प्रदेश और देश में समाज का नाम रोशन करे। 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों की सफलता दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणा बने, यही इस आयोजन की असली भावना है।उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठ शिक्षकों, डॉक्टरों, खिलाड़ियों, अधिवक्ताओं और जागरूक नागरिकों का सम्मान केवल उनकी सेवाओं के प्रति कृतज्ञता नहीं, बल्कि उनके अनुभवों से नई पीढ़ी को सीखने का अवसर भी है।असद सिद्दीकी ने कहा कि मुस्लिम समाज में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उन प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे लाने की।उन्होंने कहा -“हमारे समाज को कपड़े से नहीं, काबिलियत से पहचानिए।”

एक मंच पर दिखी प्रशासन, शिक्षा और समाज की एकजुट तस्वीर

समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और समाज के नागरिक एक साथ नजर आए। मुस्लिम विकास मंच द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को एक मंच पर सम्मानित करने की पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की।कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र सिंह ठाकुर ने प्रभावी और खूबसूरत अंदाज में किया। अंत में रईस खान ने मुस्लिम विकास मंच की ओर से सभी अतिथियों, सम्मानित प्रतिभाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज के नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। शिक्षक दिवस का यह आयोजन सिर्फ सम्मान समारोह बनकर नहीं रह गया, बल्कि शिक्षा, प्रतिभा, सामाजिक जागरूकता और एकजुटता का मजबूत संदेश देकर गया।

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