
विकास नंद/ सर्वव्यापी
जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदनों में कमी आने पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने नाराजगी जताई है। गत सत्र की तुलना में वर्तमान सत्र में छात्रवृत्ति के लिए कम आवेदन प्राप्त होने पर उन्होंने संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं संस्था प्रमुखों को कार्यप्रणाली में तेजी लाने और अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में छात्रवृत्ति योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविद्यालयों की लापरवाही या प्रक्रिया में देरी के कारण कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
आवेदन कम होने पर महाविद्यालयों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर
कलेक्टर ने सभी संबंधित महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थाओं को निर्देशित किया कि वे अपने यहां अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना के संबंध में जागरूक करें तथा उनका पंजीयन और आवेदन समय-सीमा में पूरा कराएं। लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने, आवश्यक दस्तावेजों की कमी दूर करने तथा संस्था स्तर पर सत्यापन के बाद आवेदनों को संबंधित विभाग तक अग्रेषित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
आय प्रमाण पत्र की समस्या दूर करने शिविर लगाने के निर्देश
बैठक में यह बात सामने आई कि कुछ विद्यार्थियों को आय प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को आवश्यकतानुसार शिविर आयोजित कर पात्र विद्यार्थियों के आय प्रमाण पत्र बनवाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नियमित समीक्षा और समन्वय से पूरी होगी प्रक्रिया
कलेक्टर ने संबंधित विभागों एवं शैक्षणिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर छात्रवृत्ति संबंधी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने पर जोर दिया। उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण और आवेदन प्रक्रिया की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए, ताकि पात्र विद्यार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारी, महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं संस्था प्रमुख उपस्थित रहे।



