
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

भारत रत्न अउ देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के पुण्यतिथि मं आज पूरा देश उनला श्रद्धा के संग याद करत हे। 16 अगस्त 2018 के अटल जी हमर बीच ले विदा हो गिन, फेर उनकर विचार, उनकर दूरदृष्टि अउ देश के प्रति समर्पण आज घलो हमर मन मं जिंदा हे। छत्तीसगढ़ के संदर्भ मं अटल जी के नाम सिरिफ एक पूर्व प्रधानमंत्री के रूप मं नइ, बल्कि वो महापुरुष के रूप मं लिहा जाथे, जेन छत्तीसगढ़िया मन के बरसों पुराना सपना ला अपन निर्णय ले साकार करे के ऐतिहासिक काम करिन।अलग छत्तीसगढ़ राज्य के मांग बर लंबा समय ले आवाज उठत रहिस। छत्तीसगढ़िया मन अपन माटी, अपन बोली, अपन संस्कृति अउ अपन पहचान के संग एक अलग राज्य के सपना देखत रहिन। अटल जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के समय 1 नवंबर 2000 ला छत्तीसगढ़ नवा राज्य के रूप मं अस्तित्व मं आइस। ये दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास मं सिरिफ एक तारीख नइ, बल्कि लाखों छत्तीसगढ़िया मन के सपना पूरा होय के दिन रहिस।अटल जी छत्तीसगढ़ ला केवल प्रशासनिक नक्शा मं बने एक नवा राज्य के रूप मं नइ देखत रहिन। उनकर सोच मं छत्तीसगढ़ के अपन प्राकृतिक संपदा, जंगल, नदी-नाला, खनिज, किसान, मजदूर अउ आदिवासी समाज के समृद्ध भविष्य के तस्वीर रहिस। आज राज्य बने 25 बछर से जियादा समय होवत हे। इन बछर मं छत्तीसगढ़ बहुत कुछ हासिल करिस, फेर अटल जी के सपना के छत्तीसगढ़ अभी पूरा बने बाकी हे।राज्य के गठन के असली मकसद तब पूरा होही, जब विकास के फायदा राजधानी के बड़े भवन तक सीमित नइ रहय, बल्कि अबूझ गांव के आखिरी घर तक पहुंचय। जब किसान अपन उपज के सही दाम पाय, जब नौजवान मन ला रोजगार बर अपन घर-गांव छोड़के दूर नइ जाना पड़े, जब गरीब के बच्चा ला गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलय, जब जंगल मं पीढ़ी-दर-पीढ़ी रहत आदिवासी समाज के अधिकार सुरक्षित रहय अउ जब सरकारी दफ्तर मं आम आदमी के काम बिना सिफारिश अउ बिना डर के होय।अटल जी के राजनीति मं सुशासन के बहुत महत्व रहिस। वो मानत रहिन कि सरकार के कामकाज मं पारदर्शिता, जवाबदेही अउ संवेदनशीलता जरूरी हे। आज छत्तीसगढ़ मं अटल जी के सपना के चर्चा करत समय हमन ला ये सवाल अपन आप ले पूछे के जरूरत हे कि का शासन के लाभ समाज के अंतिम पंक्ति मं खड़े आदमी तक पहुंचत हे? का गरीब, किसान, मजदूर अउ आम छत्तीसगढ़िया अपन सरकार ला अपन सरकार समझत हे?छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े ताकत हमर जंगल, जल, जमीन अउ खनिज संसाधन आय। अटल जी के सपना के छत्तीसगढ़ विकास के दौड़ मं जरूर आगे बढ़य, फेर अपन प्राकृतिक धरोहर ला गंवाके नइ। उद्योग आवय, रोजगार बनय, सड़क अउ रेल के विस्तार होय, शहर विकसित होय, फेर जंगल अउ नदी के कीमत मं विकास के मॉडल खड़ा नइ होय। विकास अउ पर्यावरण के बीच संतुलन ही छत्तीसगढ़ के भविष्य के असली आधार बन सकथे।अटल जी के सबसे बड़े गुण मं एक रहिस—वो राजनीति के ऊपर राष्ट्रहित ला रखत रहिन। उनकर जीवन हमन ला सिखाथे कि सत्ता स्थायी नइ होय, पद स्थायी नइ होय, फेर जनसेवा अउ विचार के प्रभाव पीढ़ी-दर-पीढ़ी बने रहिथे। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता के रूप मं अटल जी के योगदान के मूल्यांकन घलो इसी नजरिया ले करे के जरूरत हे।आज उनकर पुण्यतिथि मं उनला सच्ची श्रद्धांजलि ये नइ होही कि हमन सिरिफ उनकर तस्वीर मं फूल चढ़ा देन। सच्ची श्रद्धांजलि तब होही, जब छत्तीसगढ़ के विकास के हर फैसला मं आम आदमी के हित ला केंद्र मं रखे जाही। जब भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के भावना जमीन मं दिखही। जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार अउ किसान के सवाल राजनीति के नारा नइ, बल्कि शासन के प्राथमिकता बनही।अटल जी छत्तीसगढ़ ला राज्य दे गिन, अब उस राज्य ला वैभव, स्वाभिमान अउ सुशासन से भरना हमर जिम्मेदारी आय। राज्य के माटी, पानी, जंगल, संस्कृति अउ छत्तीसगढ़िया अस्मिता के रक्षा करत हुए ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना होही, जिहां विकास के उजियारा आखिरी आदमी के घर तक पहुंचय।अटल जी हमर बीच नइ हवंय, फेर छत्तीसगढ़ के हर माटी मं उनकर योगदान के कहानी जिंदा हे। 16 अगस्त के पुण्यतिथि मं उनला नमन करत हमन ला एक संकल्प लेय के जरूरत हे—जेन छत्तीसगढ़ के सपना अटल जी देखिन, ओला सिरिफ याद नइ करबो, बल्कि मिल-जुल के साकार करबो।यही होही अटल जी ला छत्तीसगढ़ के सच्ची श्रद्धांजलि।



