
बिलासपुर। भागवत प्रसाद, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी।
झमाझम बारिश ने जहां पूरे बिलासपुर शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है, वहीं सरकंडा क्षेत्र के कई मोहल्लों और कॉलोनियों में जलभराव ने नागरिकों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। बरसात का पानी जगह-जगह जमा होने से लोगों को आवागमन से लेकर दैनिक जीवन तक कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सरकंडा क्षेत्र की बसंत विहार कॉलोनी में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर स्थित बड़े नाले के समीप लगा नीम का पेड़ अब खतरे का कारण बनता जा रहा है। लगातार बारिश और मिट्टी के कटाव के चलते पेड़ का एक बड़ा हिस्सा जमीन से उखड़ चुका है, जो कभी भी नाले के ऊपर गिर सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया और पेड़ का हिस्सा नाले में गिर गया तो न केवल जल निकासी व्यवस्था बाधित हो सकती है, बल्कि बड़ी दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। नाले का रास्ता अवरुद्ध होने पर बारिश का पानी आसपास के घरों और कॉलोनी में भरने की समस्या और गंभीर हो सकती है।
“बरसात आई तो खुली व्यवस्था की पोल,
नालों में संकट और सड़कों पर डोलता पानी का मोल।
पेड़ भी दे रहा खतरे का पैगाम,
कब जागेगा प्रशासन, कब होगा समाधान?”
बसंत विहार कॉलोनी के नागरिकों ने नगर पालिका निगम प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके का निरीक्षण कर उखड़े हुए पेड़ के हिस्से को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए तथा नाले की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
नागरिकों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसी लापरवाही किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। प्रशासन को शिकायत या दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि जनहानि और संपत्ति के नुकसान से बचा जा सके।
अब देखना होगा कि “सुशासन और बेहतर शहर” का दावा करने वाला नगर निगम प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है या फिर किसी हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी।



