
विकास नंद/ सर्वव्यापी

दीपावली का पर्व इस बार महासमुंद जिले में शिक्षा और साक्षरता की नई रोशनी लेकर आएगा। प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से दीपावली की पूर्व संध्या पर जिलेभर में ‘एक दीप साक्षरता का’ विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ साक्षरता का दीप जलाकर अशिक्षा के अंधकार को मिटाने और प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा।छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2026-27 में प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान के अंतर्गत दीपावली के ठीक एक दिन पूर्व शाम 6:30 बजे से 7:30 बजे तक पूरे प्रदेश में एक साथ ‘एक दीप साक्षरता का’ कार्यक्रम आयोजित होगा।
इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह ने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के सभी संकुल समन्वयकों एवं संबंधित अधिकारियों को अभियान को प्रभावी और सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसके लिए सामुदायिक सहभागिता और व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
दीपों के साथ साक्षरता का संदेश, जनप्रतिनिधियों से भी होगी अपील
अभियान के तहत विकासखंड स्तर के अधिकारी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों से दीपावली के पारंपरिक दीपों के साथ साक्षरता का दीप जलाने की अपील करेंगे। वहीं बीईओ, बीआरसी, एबीओ, सीएसी, विद्यालयों के प्राचार्यों तथा ग्राम एवं वार्ड प्रभारियों के बीच वेबिनार के माध्यम से समन्वय स्थापित किया जाएगा।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शासकीय विद्यालयों, छात्रावासों, विकासखंड कार्यालयों एवं उल्लास साक्षरता केंद्रों में दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। इस दौरान उपस्थित लोग शत-प्रतिशत साक्षरता के संकल्प के साथ साक्षरता की शपथ भी लेंगे।
शिक्षकों और स्वयंसेवकों को सौंपी जाएगी अहम जिम्मेदारी
अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। संकुल समन्वयकों तथा ग्राम एवं वार्ड प्रभारियों को उल्लास एप पर पंजीकृत स्वयंसेवी शिक्षकों और असाक्षर व्यक्तियों से संपर्क कर उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।इसके साथ ही अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए दीप प्रज्ज्वलन की तस्वीरें एवं वीडियो निर्धारित हैशटैग के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए जाएंगे, ताकि साक्षरता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन, जिला परियोजना अधिकारी एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के रेखराज शर्मा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसीसी तथा कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहेंगे।इस पहल का उद्देश्य दीपावली के प्रकाश पर्व को शिक्षा के संकल्प से जोड़ना है, ताकि हर घर में खुशियों के साथ ज्ञान का दीप भी जले और कोई भी वयस्क निरक्षर न रहे।




