
विकास नंद/ सर्वव्यापी

किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, प्रमाणित बीज एवं मानक अनुरूप कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार महासमुंद जिले में कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कृषि सामग्री की गुणवत्ता और किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत अप्रैल 2026 से अब तक उर्वरक गुण नियंत्रण के अंतर्गत 48 कार्रवाई की गई हैं। इनमें 3 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, एक विक्रय प्राधिकार पत्र निरस्त किया गया तथा 5 मामलों में जब्ती की कार्रवाई की गई। इसके अलावा 26 मामलों में निलंबन और 13 दुकानों में उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।
125 कीटनाशक संस्थानों की जांच, पांच पर विक्रय प्रतिबंध
कीटनाशक गुण नियंत्रण के अंतर्गत जिले में 125 संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 5 संस्थानों में विक्रय प्रतिबंध लगाया गया, जबकि एक केंद्र के विरुद्ध अभियोजन की अनुमति के लिए प्रकरण भेजा गया है।कृषि विभाग द्वारा खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों के पालन की जांच की जा रही है। निरीक्षण में अनियमितता मिलने पर संबंधित फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
किसानों के हितों से समझौता नहीं
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा खाद-बीज की गुणवत्ता, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अभियान का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना तथा निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।अधिकृत दुकानों से ही खरीदें खाद-बीजउप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने किसानों से अपील की है कि वे खाद एवं बीज केवल अधिकृत विक्रेताओं से खरीदें। खरीदी के समय बिल अवश्य प्राप्त करें तथा उर्वरक की खरीद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पॉस मशीन से ही करें।उन्होंने कहा कि खाद-बीज की खरीदी या बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर किसान अपने क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अथवा उप संचालक कृषि कार्यालय, महासमुंद में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।कृषि विभाग ने बताया कि किसानों को उन्नत बीज एवं उर्वरक समय पर और सुगमता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नियमित निरीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।



