
विकास नंद/ सर्वव्यापी
वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों एवं हाल में घटित कुछ घटनाओं को लेकर समाज में सकारात्मक चिंतन, जागरूकता और सार्थक संवाद की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ लोक जागरण मंच, सरायपाली के तत्वावधान में 29 अक्टूबर को राष्ट्रीय चिंतन संवाद प्रबुद्ध जन सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन दोपहर 3:30 बजे गीता भवन, सरायपाली में आयोजित होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं तथा विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालने संचालन समिति का गठन किया गया है।
इस सम्मेलन में पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा एवं छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों पर गंभीर विचार-विमर्श करना, समाज के प्रति नागरिकों के नैतिक दायित्वों को समझना तथा समाजहित में भविष्य की कार्ययोजना तैयार करना है।
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई बैठक, सौंपी गई जिम्मेदारियां
सम्मेलन की तैयारियों को लेकर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बैठक आयोजित की गई। इसमें सरला कोसरिया, संजय शर्मा एवं विपिन उबोवेजा की उपस्थिति में आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए समिति गठित की गई। समिति के सदस्यों को मंच संचालन, दीप प्रज्ज्वलन, मंच व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, साज-सज्जा एवं जनसंपर्क सहित अलग-अलग दायित्व सौंपे गए।
संचालन समिति में शामिल सदस्यों की जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं—-
मंच संचालन: स्वर्ण सिंह सलूजा एवं प्रदीप साहू।
– दीप प्रज्ज्वलन व्यवस्था: मनोज आदित्य एवं आदर्श गुप्ता।
– मंच व्यवस्था: धर्मेंद्र पटेल एवं किशन जायसवाल।
– प्रचार-प्रसार व्यवस्था: सुरोति लाल लकड़ा एवं शिवा जायसवाल।
– साज-सज्जा व्यवस्था: अख्तर मेमन एवं रणजीत सिंह आहूजा।
– संपर्क प्रमुख: राकेश महापात्र, डॉ. प्रकाश पटेल, गुंजन अग्रवाल, प्रमोद सागर, मनोज दास, रविंद्र पंडा, रोहित साहू, डॉ. प्रवीण नायक एवं डॉ. सुधीर भोई सुधीर सामंतराय।
– महिला संपर्क एवं पुष्पवर्षा: पुष्पलता चौहान एवं तारेश्वरी नायक।समिति के सदस्यों को सौंपे गए दायित्वों के माध्यम से आयोजन को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है।
पुरोहित, शिक्षक, डॉक्टर और अधिवक्ता सहित सभी वर्गों को आमंत्रण
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह एक गैर-राजनीतिक सामाजिक चिंतन एवं संवाद कार्यक्रम है। इसमें पुरोहित समाज, शिक्षक वर्ग, चिकित्सक समुदाय, अधिवक्ता समूह तथा विभिन्न समाजों के प्रमुखों, जिम्मेदार पदाधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों को आमंत्रित किया गया है।आयोजन के माध्यम से वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर विचार-विमर्श करने के साथ समाजहित में सामूहिक जिम्मेदारियों और आगामी दिनों में प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की जाएगी।
समाज को सकारात्मक दिशा देने की पहल
कार्यक्रम प्रभारी एवं विधानसभा सरायपाली के स्वर्ण सिंह सलूजा ने सभी प्रबुद्धजनों से सम्मेलन में सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी और नैतिक दायित्वों को समझते हुए सकारात्मक चिंतन एवं सार्थक संवाद की दिशा में सामूहिक पहल करना समय की आवश्यकता है।उन्होंने पुरोहितों, शिक्षकों, डॉक्टरों, अधिवक्ताओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं जागरूक नागरिकों से अपने अमूल्य विचार और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए सम्मेलन में उपस्थित होने का आग्रह किया है।29 अक्टूबर को गीता भवन में होने वाला यह सम्मेलन सामाजिक विषयों पर सामूहिक चिंतन, संवाद और समाजहित में आगामी पहल तय करने का मंच बनेगा। आयोजकों ने सभी आमंत्रितजनों से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।




