
विकास नंद/सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं और नशे की खेप पहुंचाने वालों तक सीमित न रहे, बल्कि मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, सप्लाई और बिक्री से जुड़े बड़े तस्करों, वित्तीय सहयोगियों तथा संगठित गिरोहों तक पहुंचकर उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाए। नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कुर्की और जब्ती की कार्रवाई भी तेज की जाएगी।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं नियंत्रण से संबंधित मामलों की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरणों, मादक पदार्थों की जब्ती, तस्करों के खिलाफ कार्रवाई, संपत्ति कुर्की, वाहनों के राजसातीकरण और जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई केवल प्राथमिकी दर्ज करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके पीछे सक्रिय पूरे आपराधिक और आर्थिक तंत्र को समाप्त करने के लिए ठोस परिणाम सामने आने चाहिए।
बड़े तस्करों और संगठित गिरोहों पर होगा सीधा प्रहार
गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े प्रत्येक प्रकरण की विस्तृत मैपिंग की जाए। तस्करी में प्रयुक्त स्रोत, परिवहन मार्ग, सप्लाई करने वालों, स्थानीय विक्रेताओं और पूरे कारोबार को नियंत्रित करने वाले लोगों की पहचान की जाए।उन्होंने कहा कि केवल मादक पदार्थ लेकर चलने वाले वाहकों अथवा छोटे पैडलरों के खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। पुलिस को उन बड़े कारोबारियों और संगठित गिरोहों तक पहुंचना होगा, जो इस अवैध व्यापार को संचालित करते हैं। उत्पादन से लेकर अंतिम विक्रय तक की पूरी सप्लाई चेन की जांच कर नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने की दिशा में कार्रवाई की जाए।
नशे की कमाई से खड़ी संपत्तियों पर गिरेगी गाज
नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए गृह मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कुर्की और जब्ती की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। एनडीपीएस एक्ट और सफेमा (SAFEMA) के प्रावधानों के तहत की गई कार्रवाइयों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पात्र मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।अवैध कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की गहन जांच के लिए विशेष समिति गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। समिति में चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित वित्तीय और विधिक विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य नशे के कारोबार से अर्जित धन, संपत्तियों और वित्तीय नेटवर्क की जांच को अधिक प्रभावी बनाना है।
मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच, सूखे नशे पर विशेष निगरानी
प्रदेश में नशीली दवाओं और सूखे नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। विजय शर्मा ने सभी जिलों में ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ समन्वय स्थापित कर मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच और निगरानी करने के निर्देश दिए।स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर विशेष नजर रखी जाएगी। नशीले कैप्सूल, प्रतिबंधित दवाओं तथा नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली सिरिंज और नीडल का अवैध विक्रय करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिन स्थानों से नशे के अवैध कारोबार या सेवन की शिकायतें मिलती हैं, उन्हें संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित कर नियमित निरीक्षण करने को कहा गया है।
तस्करी में इस्तेमाल वाहन होंगे राजसात, नीलामी में भी तेजी
मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों के राजसातीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्री ने कहा कि पात्र मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।इसके लिए विशेष अभियान चलाकर आगामी तीन माह में अधिक से अधिक पात्र प्रकरणों में कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। संबंधित मामलों को विशेष न्यायालयों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और न्यायालयीन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। तस्करी के दौरान पुलिस बल पर हमला करने वाले आरोपियों के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
31 दिसंबर तक पुराने जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने का लक्ष्य
विभिन्न जिलों में जब्त मादक पदार्थों के लंबित नष्टीकरण की समीक्षा करते हुए गृह मंत्री ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। सभी जिलों को 31 दिसंबर 2026 तक छह माह से अधिक पुराने, अर्थात 30 जून 2026 तक जब्त किए गए ऐसे मादक पदार्थों का विधिसम्मत नष्टीकरण सुनिश्चित करना होगा, जिनके निस्तारण की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।उन्होंने कहा कि इस कार्य में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। आवश्यक न्यायालयीन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के साथ जब्त वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी से संबंधित लंबित मामलों का भी शीघ्र निराकरण किया जाए।
एनडीपीएस मामलों में मजबूत जांच और प्रभावी अभियोजन पर जोर
गृह मंत्री ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों में साक्ष्यों और आवश्यक दस्तावेजों की पूर्णता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके।उन्होंने एनडीपीएस मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना की दिशा में आवश्यक प्रयास करने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने 1933 हेल्पलाइन का होगा प्रचार
नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। विजय शर्मा ने राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन ‘मानस’ के टोल फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिक नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री से संबंधित सूचनाएं संबंधित एजेंसियों तक पहुंचा सकें।उन्होंने पुलिस और प्रशासन को सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों और युवाओं को नशा विरोधी अभियान से जोड़ने को कहा।
नशे के खिलाफ लड़ाई को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज और देश की भावी पीढ़ी को सुरक्षित रखने का संकल्प है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।उन्होंने सभी जिलों में उपलब्ध कराए गए विशेष दलों का प्रभावी उपयोग करने और पुलिस, प्रशासन तथा समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के निर्देश दिए।बैठक में सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित विभिन्न जिलों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



