
विकास नंद/सर्वव्यापी
चिरायु योजना के तहत समय पर हुई स्वास्थ्य जांच और निःशुल्क उपचार ने बागबाहरा विकासखंड की 12 वर्षीय तरुणा यादव के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। जन्मजात हृदय रोग से जूझ रही तरुणा अब उपचार के बाद स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रही है।शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भानपुर की कक्षा 7वीं में अध्ययनरत तरुणा को बचपन से ही खेलने-कूदने, दौड़ने और सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती थी। परिवार इसे सामान्य कमजोरी मानता रहा। इसी दौरान विद्यालय में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचे चिरायु दल ने तरुणा की परेशानी को गंभीरता से लिया। आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श के बाद उसके जन्मजात हृदय रोग की पहचान हुई।बीमारी की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बिना देरी किए उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। तरुणा को रायपुर स्थित एमएमआई नारायणा हृदयालय अस्पताल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आवश्यक जांच के बाद उसका निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किया। शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से उपचार मिलने के कारण परिवार पर महंगे इलाज का आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ा।ऑपरेशन के बाद तरुणा के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब वह पहले की अपेक्षा अधिक सहजता से चल-फिर पा रही है और दैनिक गतिविधियों के साथ खेल-कूद में भी भाग लेने लगी है। उसके चेहरे पर लौटी मुस्कान और स्वस्थ भविष्य की उम्मीद परिवार के लिए बड़ी खुशी का कारण बनी है।परिजनों ने बीमारी की समय पर पहचान, उपचार की प्रक्रिया में सहयोग तथा निःशुल्क हृदय शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए चिरायु दल और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार जताया।तरुणा के उपचार में चिरायु दल के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास कुमार चौहान, डॉ. सुजाता शुक्ला, फार्मासिस्ट सुरेखा साहू एवं आरएचओ विशाखा साहू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दल ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए तरुणा की पहचान से लेकर उपचार तक की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।समय पर बीमारी की पहचान और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी लाभ जरूरतमंद बच्चों के लिए जीवन बदलने वाला साबित हो सकता है। तरुणा की कहानी इसी बात की एक सकारात्मक मिसाल है।



