
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संजीवनी प्रभात शाखा, दाहिर उपनगर द्वारा बुधवार को पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 117 स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पथ संचलन बस्ती भ्रमण करते हुए संपन्न हुआ। इसके पश्चात आयोजित कार्यक्रम में संघ के सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव का पाथेय प्राप्त हुआ।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रांत संपर्क टोली के सदस्य डॉ. विनोद तिवारी तथा मुख्य वक्ता के रूप में सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर सह संघचालक मुनेश्वर राम कौशिक की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।संघ की कार्यपद्धति और समर्पण पर प्रकाशमुख्य वक्ता नारायण नामदेव ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 101वीं वर्षगांठ के अवसर पर संघ की स्थापना से लेकर वर्तमान समय तक की कार्ययात्रा, स्वयंसेवकों की कार्यकुशलता, जीवटता, कर्मठता और सहनशीलता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ ने अनेक कठिन एवं विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने संगठनात्मक संकल्प, अनुशासन, एकता और सेवा भावना के बल पर निरंतर कार्य किया है।उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके कार्यकर्ताओं की निष्ठा, समर्पण और कठिन परिस्थितियों में भी अपने उद्देश्य के प्रति अडिग रहने की क्षमता में निहित होती है। स्वयंसेवक विपरीत परिस्थितियों में भी चट्टान की तरह खड़े रहकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। संघ की कार्ययात्रा में स्वयंसेवकों की यही प्रतिबद्धता और सेवा भावना महत्वपूर्ण रही है।राष्ट्र, धर्म और समाज की रक्षा के लिए समर्पण का आह्वानश्री नामदेव ने अपने संबोधन में संघ पर लगे तीन प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने कठिन दौर में भी अपनी कार्यपद्धति और विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखी। उन्होंने स्वयंसेवकों से राष्ट्रप्रेम, सामाजिक एकता और सेवा के भाव को जीवन में सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि राष्ट्र, धर्म और समाज की रक्षा के लिए स्वयंसेवकों को सदैव तत्पर रहना चाहिए। संगठन को जीवंत बनाए रखने तथा उसके उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पण, अनुशासन और संकल्प आवश्यक हैं। राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर कार्य करने वाला स्वयंसेवक समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता है और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।प्रार्थना के बाद हुआ शस्त्र पूजनपथ संचलन एवं बौद्धिक कार्यक्रम के पश्चात संघ की प्रार्थना संपन्न हुई। इसके उपरांत विधिवत शस्त्र पूजन किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठनात्मक एकजुटता और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ सहभागिता की।संजीवनी प्रभात शाखा, दाहिर उपनगर का यह आयोजन स्वयंसेवकों में संगठन के प्रति निष्ठा, सामाजिक दायित्वों के निर्वहन और राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण रहा।




