
तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी आज अपने स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बुढ़ापे में बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और महंगे इलाज के बीच पेंशनरों ने राज्य सरकार से कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करने की मांग की है। छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, बेमेतरा के जिला अध्यक्ष आरके वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आग्रह किया है कि पेंशनरों की इस जायज मांग पर प्राथमिकता से विचार करते हुए उन्हें भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जाए। उन्होंने 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत तथा इसके 10 माह के एरियर्स का भुगतान करने की मांग भी उठाई है।आरके वर्मा ने कहा कि पेंशनभोगियों ने अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष राज्य की सेवा में समर्पित किए हैं। आज जीवन के उस पड़ाव पर, जब उन्हें सबसे अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है, तब महंगे इलाज और दवाइयों का खर्च उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पेंशन का एक बड़ा हिस्सा दवाइयों, जांच और अस्पतालों में खर्च हो जाता है। ऐसे में कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा बुजुर्ग पेंशनरों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन पेंशनरों को इससे बाहर रखा जाना निराशाजनक है। वास्तविकता यह है कि सेवानिवृत्ति के बाद उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ती हैं और नियमित उपचार की आवश्यकता अधिक हो जाती है। ऐसे में पेंशनरों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा से वंचित रखना उनके हितों के अनुकूल नहीं है।पेंशनर्स एसोसिएशन ने 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत के 10 माह के एरियर्स का भुगतान नहीं किए जाने पर भी चिंता जताई है। आरके वर्मा के अनुसार, यदि दीपावली के अवसर पर महंगाई राहत और उसके एरियर्स का भुगतान कर दिया जाता, तो कर्मचारियों एवं पेंशनरों को त्योहार मनाने में आर्थिक सहायता मिलती। बढ़ती महंगाई के दौर में पेंशनरों के लिए यह राशि महत्वपूर्ण है। इसलिए राज्य सरकार को इस मांग पर शीघ्र निर्णय लेकर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देकर बुजुर्गों का सम्मान करे सरकारआरके वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकास में अपना योगदान देने वाले वरिष्ठ नागरिकों को जीवन के अंतिम पड़ाव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन मिलना चाहिए। जब कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की जा सकती है, तो पेंशनरों को भी इसका लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को पेंशनरों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजना की स्पष्ट नियमावली जारी कर इसे प्रभावी रूप से लागू करना चाहिए, ताकि गंभीर बीमारी या आपातकालीन स्थिति में बुजुर्गों को इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पेंशनरों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, 2 प्रतिशत महंगाई राहत देने तथा 10 माह के एरियर्स का भुगतान करने के संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाए।छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, बेमेतरा के जिला अध्यक्ष आर के वर्मा सहित रामविलास दुबे, बीपी परगनिहा, अश्वनी बनर्जी, केएन मिश्र, जगतराम वर्मा, कपिल वर्मा, नीलेश्वर चंद्राकर, जवाहर चंद्राकर, ऋषि सिंह राजपूत, घनश्याम चंद्राकर, शिवकुमार साहू, गोकुल बंजारे, रोमन जायसवाल, संतोष सिंह राजपूत, थानुराम यादव, कोमल चंद्राकर, रामाधार सिन्हा, शोभनाथ रजक, अब्दुल गफ्फार खान, नैन सिंह साहू, उषा नामदेव, मनहरण माली, धरमदास चतुर्वेदी, उमाशंकर साहू, गैंदराम चंद्राकर, लालसिंह ठाकुर, मनीराम देवांगन, रामसिंह साहू, घनश्याम बिहारी नामदेव, रमेश साहू, रामसिंह राजपूत, नेमसिंह साहू, जेएल देवांगन, बीपी बन्छोर, खिलावन राम साहू, नानक साहू और धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी राज्य शासन से इन मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।पेंशनरों की प्रमुख मांगें1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत का भुगतान।महंगाई राहत के 10 माह के एरियर्स का शीघ्र भुगतान।पेंशनरों को भी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ।कैशलेस चिकित्सा योजना की स्पष्ट नियमावली जारी कर तत्काल क्रियान्वयन। उक्त जानकारी आरके वर्मा, जिलाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, बेमेतरा द्वारा दी गई।




