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सेवा सेतु शिविर का अंतिम पड़ाव: तोषगांव में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़, 132 आवेदन प्राप्त, जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे जनता के बीच; मौके पर हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ।

विकास नंद/सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित सेवा संकल्प अभियान के तहत सरायपाली विकासखंड में आयोजित सेवा सेतु शिविरों की श्रृंखला का मंगलवार को तोषगांव सेक्टर में अंतिम शिविर के साथ समापन हुआ। क्षेत्र की 27 ग्राम पंचायतों को शामिल कर आयोजित इस शिविर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी मांगों एवं समस्याओं को सुना तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया।

अंतिम शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं का लाभ मौके पर पहुंचाया गया। मत्स्य विभाग ने एक हितग्राही को आइस बॉक्स, कृषि विभाग ने चार कृषकों को रागी बीज तथा दो कृषकों को मृदा परीक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किया। श्रम विभाग द्वारा पांच हितग्राहियों को पंजीयन कार्ड वितरित किए गए। उद्यानिकी विभाग ने 18 हितग्राहियों को फलदार पौधों का वितरण किया, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 10 आंगनबाड़ी केंद्रों का सम्मान किया गया।अंतिम शिविर में विभिन्न विभागों से कुल 132 आवेदन एवं मांगें प्राप्त हुईं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्रता के अनुसार लाभ दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

जनप्रतिनिधि-अधिकारी रहे मौजूद

तोषगांव में आयोजित अंतिम शिविर में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, शाकंभरी बोर्ड अध्यक्ष राजेंद्र नायक, राज्य महिला आयोग सदस्य सरला कोसरिया, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य कामता पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा किशन पटेल, जिला पंचायत सदस्य कुमारी भास्कर, जनपद पंचायत सरायपाली अध्यक्ष लक्ष्मी पटेल, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र (मुकेश) चौधरी सहित जनपद पंचायत के सदस्य उपस्थित रहे।इसके अलावा सेक्टर में शामिल ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिव, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी शिविर में मौजूद रहे।सेवा संकल्प अभियान के अंतिम शिविर में भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए शासन की सेवाएं अब कागजों तक सीमित न रहकर सीधे गांव और ग्रामीणों के बीच पहुंच रही हैं।

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